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How to analyse Open Interest For Trading | वॉल्यूम और ओपन इंटरेस्ट क्या होता है ?

How to analyse Open Interest For Trading | वॉल्यूम और ओपन इंटरेस्ट क्या होता है ?

Volume and open interest which is Important key for Trading
वॉल्यूम और ओपन इंटरेस्ट ट्रेडिंग के लिए क्या महत्वपूर्ण है

 

Volume (वॉल्यूम) – जब भी स्टॉक मार्केट में स्टॉक ,ऑप्शन या फ्यूचर में ट्रेडिंग होती है , मतलब स्टॉक या ऑप्शन कॉन्ट्रेक्ट या फ्यूचर कॉन्ट्रेक्ट को ख़रीदा और बेचा जाता है तब वॉल्यूम बनता है , जैसे जैसे ट्रेडिंग बढ़ता है वैसे वॉल्यूम भी बढ़ता जाता है | Volume कब बढ़ता है – जब buyer या Seller ट्रेडिंग करते है , तब तब वॉल्यूम बढ़ता , दिन भर जैसे ट्रेड होते रहेंगे वैसे वॉल्यूम बढ़ता रहेगा

Open interest (ओपन इंटरेस्ट) – ओपन इंटरेस्ट वॉल्यूम से अलग होता है ,कोई भी ट्रेड पूरा होने के लिए आपको options and futures contracts पहले खरदीना पड़ता है , और मुनाफा या घाटा होने पर आपको उसे बेचना पड़ता है, जब ख़रीद कर उसेही बेचते हो तो एक ट्रेड पूरा होता है |
लेकिन आपने options या futures contracts ख़रीदा है और आपने उसे अभी बेचा नहीं है मतलब आपका ट्रेड अभी ओपन है ,आपके जैसे बहोत लोग होंगे जिन्होंने अभी ख़रीदा है मगर उसे बेचा नहीं है , जितने लोगोने बस खरीदा है मतलब उनकी पोजीशन अभी ओपन है ,इसीको ही ओपन इंटरेस्ट (Open Interest ) कहते है |ओपन इंटरेस्ट” उन कॉन्ट्रेक्ट या ट्रेड की संख्या को दर्शाता है जो सक्रिय (active ) हैं |

 

ओपन इंटरेस्ट (Open Interest ) के बारेमे अधिक जानकारी 

In Derivative Market Buyer of options aur  futures contracts must have to Sell contracts till expiry  and options aur  futures contracts seller must have to buy contracts till expiry at the end of month on last day of expiry all open intersr will be Zero .

डेरीवेटिव मार्केट में ऑप्शन या फ्यूचर कॉन्ट्रेक्ट खरीदने वालो को बेचना पड़ता है और बेचने वालो को खरीदना पड़ता है , महीने के आखरी गुरुवार सब कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायर हो जाते है और ओपन इंटरेस्ट शुन्य हो जाता है | और अगले महीने के कॉन्ट्रेक्ट में खरेदी और बिकवाली शुरू होती है | डेरीवेटिव मार्केट में वॉल्यूम से कही ज्यादा ओपन इंटरेस्ट का महत्व होता है |

 

How to calculate open interest in future and options contracts ? 

मार्किट में जब treding hours में कॉन्ट्रैक्ट की खरेदी ,बिकवाली होती है , उसका असर ओपन इंटरेस्ट पर पड़ता है , और इसकी जानकारी हमें मार्केट बंद होने के बाद जो NSE से डाटा मिलता है उससे पता चलता है की ओपन इंटरेस्ट कहा ज्यादा और कहा काम हुवा है |

यह आपको मार्किट बंद होने के बाद कुछ घंटो के बाद अपडेट की जाती है उसे आप निचे दी गयी लिंक से रोज देख सकते है और अपना अनुमान लगा सकते है |

  Historical Contract-wise Price Volume Data-https://www1.nseindia.com/products/content/derivatives/equities/historical_fo.htm

How to trade with Open Interst  | Find Bull/Bear Signals with open interest | Open Interest Trading Strategy | Open Interest Analysis For Futures and Option contract Trading 

स्टॉक / कॉन्ट्रैक्ट की कीमत Price

Open Interest-ओपन इंटरेस्ट

Signal / संकेत

Increase / बढ़ रही है 

बढ़ रहा है

Strong Buy /खरीदें

Increase / बढ़ रही है 

कम हो रहा है

जो ट्रेंड चल रहा था वह

बदल रहा है ,स्टॉक या

इंडेक्स निचे आने की

संभावना है |

Decrease / कम हो रही है

बढ़ रहा है

Strong Sell /  बेचे 

Decrease / कम हो रही है

कम हो रहा है

ट्रेंड बेहतर हो रहा

भाव बढ़ सकते है 

 

An increase in open interest along with an increase in contract Price -ओपन इंटरेस्ट और कॉन्ट्रेक्ट प्राइस दोनों में वृद्धि  (Bull Signals , Long Position ,Confirm an upward trend  )

 

Decrease in open interest and  stable contract Price -ओपन इंटरेस्ट कम हो रहा है और कॉन्ट्रेक्ट प्राइस

स्थिर है | (profit Booking ,wait for Bull Signals  )

An increase in open interest Decrease in  Price – ज्यादा ओपन इंटरेस्ट और कम कीमत – (short Selling)

 

 An increase or decrease in prices while open interest remains flat or declining – कम ओपन इंटरेस्ट  और कम कीमत – ( short Covering , May indicate trend reversal )

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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